अद्भुत अद्वितीय अविस्मरणीय अविश्वसनीय ऐतिहासिक ••••••


राष्ट्र की अखंड दीपशिखा को अपलक निहारते मोदी

5 अप्रैल 2020 दिन रविवार समय रात्रि नौ बजे | अविजित भारत ने इतिहास का एक और सुनहरा और सुंदरतम कालखण्ड जिया , उस नौ मिनटों में ! जिससे एक अकल्पनीय उर्जा का विस्फोट हुआ । जब एक छोटे से आह्वान पर पूरा देश एकजुटता के साथ अपने  अगुवा के साथ खड़ा था और जी रहा था । मानो सब कुछ उस विस्फोटित उर्जा के सामने विवश था हार मानने के लिए। वह नकारात्मकता पल भर के लिये छू मन्तर हो गई जब पिछले ही पल निराशा  में जी रहा पूरा देश एक नई  स्फूर्ति के साथ खड़ा था । उस बार बार अखाड़े में पटखनी खाने वाले  पहलवान की तरह जब उसके अपनों की जबरदस्त  ललकार सुनकर वह , अपने  विरोधी पर काल  बन कर  टूट पड़ता है और अगले ही कुछ पलों में बाजी अपने  नाम कर लेता है। 


   यहाँ हम बात कर रहे हैं उस अदृश्य शत्रु कोरोनावाइरस की जो पिछले कई महीनों से पूरी धरती से ही मानवता को मिटाने पर तुला हुआ है । चाइना और विश्व स्वास्थ्य संगठन की कुटिल दुष्टता का परिणाम पूरी दुनिया भुगत रही है । मानवता कराह रही है और कोई आँसू भी पोंछने वाला नही मिल रहा है। डॉक्टरों को दवाएँ नहीं सूझ रही हैं | मजबूरन अमेरिका में अति गम्भीर रोगियों को टेन्ट में बाहर मरने के लिए छोड़ दिया जा रहा है ये स्थिति आज उस अमेरिका की है जो पूरी दुनीयाँ पर राज करता है और उसकी मर्जी के बिना एक पत्ता तक नहीं हिल सकता । वहां लोगों के मरने के बाद लाशों को प्रशासन ही ठिकाने भी लगा रहा है । परिवार से मुलाकात कौन कहे देखने का भी अधिकार  नहीं है।

ये नागासाकी और हिरोशिमा के परमाणु हमले से भी भयावह और खतरनाक स्थिति है , पूरी मानवता के लिए क्यों कि युद्ध होता है तो शत्रु दिखता है। यहाँ तो शत्रु ही अदृश्य है और मानवता काल कवलित होती जा रही है । पूरी दुनिया पर राज करने वाला अमेरिका आज घुटनों के बल आ गया है | पूरा यूरोप त्राहि त्राहि कर रहा है , जापानियों के आँसू सूख ही नहीं रहे हैं तब तक नयी लाश दरवाजे पर दस्तक दे रही है | फिलीपींस में देखते ही गोली मारने का आदेश है आस्ट्रेलिया और अफ्रीका भी त्राहि त्राहि कर हैं | इटली जो पूरी दुनिया में चिकित्सा व्यवस्था में दुसरे स्थान पर है उसने हाथ खड़ा कर दिया है वहां के प्रधान मंत्री रो रो कर कह रहे हैं की हमारे लोगों को बचाओ ! लेकिन कौन सुन रहा है उनकी | जर्मनी के मंत्री इस महा विपत्ति से दुखी होकर आत्महत्या कर लिए , ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन आई सी यू में हैं , प्रिंस चार्ल्स कोरोना संक्रमित हैं ! जब दुनियां के वी आई पी लोगों का ये हाल है तो आम जनता जिसको रोटी दाल के लिए भी सोचना है उसका क्या हाल होगा इस संकट में , सोच सोच कर ही रोंगटे खड़े हो जा रहे हैं | क्या हो गया है अपने इस फूलों के गुलदस्ते जैसी  सुन्दर धरती को ?  कहीं ना कहीं इसको चाईना की साम्राज्यवादी नीतियों की नजर लग गई | चाइना की शाजिश और विश्व स्वस्थ्य संगठन की चाइना से मिली भगत आज पूरी दुनियां भुगत रही है |

आज जैसी पूरी दुनियां असमंजस और निराशा में जी रही है वैसा पहले कभी भी देखने को नहीं मिला | ऐसे में ही सामान्य जन किसी अवतार के प्राकट्य की बात करते हैं | यहाँ श्री मदभगवद्गीता का वह श्लोक काफी प्रासंगिक लगता है जब युद्ध क्षेत्र में भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को उपदेश देते हुए कहते हैं — यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत | अभ्युत्थानामधर्मस्य तदात्मानम सृजाम्यहम || इतिहास हमेशा अपने हिसाब से महापुरुषों का मूल्याङ्कन करता है |